उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aur mushkil ye aa paDi hum par

और मुश्किल ये आ पड़ी हम पर

اور مشکل یہ آ پڑی ہم پر

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

और मुश्किल ये आ पड़ी हम पर
तंज़ करते हैं आप भी हम पर

फिर भी ज़िंदा हैं हम ज़माने में
हर जफ़ा उस ने तोड़ ली हम पर

मिट रहे हैं ख़ुलूस के बंदे
ख़त्म है दौर-ए-आशिक़ी हम पर

सादा-लोही का ये सिला पाया
अब बिगड़ता है हर कोई हम पर

बिन तिरे घूमते हैं जब तन्हा
मुस्कुराती है चाँदनी हम पर

एक तोहमत हैं ज़िंदगी पर हम
एक तोहमत है ज़िंदगी हम पर

रोज़ जौर-ओ-इताब होता है
हो निगह लुत्फ़ की कभी हम पर

क्या ख़बर थी कि एक दिन 'आसी'
मुस्कुराएगा हर कोई हम पर