उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye bahaaren ye chaman ye aashiyan mere liye

ये बहारें ये चमन ये आशियाँ मेरे लिए

یہ بہاریں یہ چمن یہ آشیاں میرے لئے

शायर: Pandit Vidya Ratan Aasi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये बहारें ये चमन ये आशियाँ मेरे लिए
सर-ब-सर साबित हुए आज़ार-ए-जाँ मेरे लिए

पूछते क्या हो दिल-ए-बे-ख़ानमाँ की दोस्तो
इक मुसीबत है दिल-ए-बे-ख़ानमाँ मेरे लिए

अब तबीअत मुश्किलों से इस क़दर मानूस है
फ़स्ल-ए-गुल से कम नहीं दौर-ए-ख़िज़ाँ मेरे लिए

चल दिया जब नाख़ुदा तूफ़ाँ में मुझ को छोड़ कर
बन गई साहिल हर इक मौज-ए-रवाँ मेरे लिए

कौन सी है वो मुसीबत मुझ पे जो टूटी नहीं
रात-दिन गर्दिश में हैं हफ़्त आसमाँ मेरे लिए

लाख हूँ बे-वस्फ़ लेकिन मुद्दतों याद आऊँगा
मुद्दतों दुनिया रहेगी नौहा-ख़्वाँ मेरे लिए

मैं ने 'आसी' तर्क कर दी ज़िंदगी ये सोच कर
क्यों सहे ये हर बला-ए-ना-गहाँ मेरे लिए