उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yahan hadisa hadisa chal raha hai

यहाँ हादिसा हादिसा चल रहा है

یہاں حادثہ حادثہ چل رہا ہے

शायर: Deenbandhu Jaiswal5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यहाँ हादिसा हादिसा चल रहा है
कि मौसम बहुत ही बुरा चल रहा है

बताना भी चाहूँ तो कैसे बताऊँ
समझ ही न आए कि क्या चल रहा है

जो कुछ सोचता हूँ वो होता नहीं है
ख़ुदा बस तिरा फ़ैसला चल रहा है

मिरे जूते में पाँव रख कर तो देखें
जिन्हें लग रहा है मज़ा चल रहा है

तुम्हें दिख रहा है कि मैं चल रहा हूँ
मियाँ पर मिरा हौसला चल रहा है