उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yaad bhi uski KHwab ki si hai

याद भी उस की ख़्वाब की सी है

یاد بھی اس کی خواب کی سی ہے

शायर: Aamir Ata5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

याद भी उस की ख़्वाब की सी है
एक लड़की हिजाब की सी है

चूमता हूँ सवाब जान के मैं
तू मुक़द्दस किताब की सी है

जो मिली है सवाब की ख़ातिर
ज़ीस्त वो भी 'अज़ाब की सी है

उस में ख़ुशबू रही न रंग रहा
अब वो सूखे गुलाब की सी है

ज़िक्र तेरा 'अता' के शे'र में है
तू ग़ज़ल पर शबाब की सी है