उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bata tu ai chaman laya kahan se

बता तू ऐ चमन लाया कहाँ से

بتا تو اے چمن لایا کہاں سے

शायर: Aamir Ata7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बता तू ऐ चमन लाया कहाँ से
तिरी ख़ुशबू तो मिलती है फुलाँ से

वो इक सूरत जो कल शब ख़्वाब में थी
यक़ीनन होगी परियों के जहाँ से

वो कहता है कि तज दे मन की ख़्वाहिश
मिलन कैसा ज़मीं का आसमाँ से

मिरे छे फ़ुट का क़द भी हार बैठा
फ़क़त दो इंच की लम्बी ज़बाँ से

वहीं अटकी हुई है साँस मेरी
किसी से रब्त टूटा था जहाँ से

वो मेरी ज़िंदगी से यूँ ही निकली
निकलता तीर है जैसे कमाँ से

यक़ीं को राह मिल सकती है साहिब
निकल जाए अगर शक दरमियाँ से