उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is tarah to lag raha hai chand bhi KHatre mein hai

इस तरह तो लग रहा है चाँद भी ख़तरे में है

اس طرح تو لگ رہا ہے چاند بھی خطرے میں ہے

शायर: Aamir Ata7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस तरह तो लग रहा है चाँद भी ख़तरे में है
उस से मिल कर मैं ने जाना रौशनी ख़तरे में है

उस की सूरत देख कर बोला सितारों से क़मर
यार लगता है कि अपनी नौकरी ख़तरे में है

उस के हाथों में छुरी को देख कर हैरान हूँ
उँगलियाँ ख़तरे में हैं या फिर छुरी ख़तरे में है

क्या कहा तुम ने उसे देखा है अपने शहर में
यानी अब तो शहर का हर आदमी ख़तरे में है

कौन हीरा है यहाँ और कौन है हीरा-नुमा
फ़र्क़ इतना सा बता कर जौहरी ख़तरे में है

झील सी आँखों में उस की डूब सकती है कभी
रोक लो उस को कोई जा कर नदी ख़तरे में है

बे-सर-ओ-पा शे'र कह कर ख़ुश था मैं आमिर-'अता'
'मीर' जी सपने में बोले शायरी ख़तरे में है