उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hum to rote hain rona KHwahish ka

हम तो रोते हैं रोना ख़्वाहिश का

ہم تو روتے ہیں رونا خواہش کا

शायर: Aamir Ata9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम तो रोते हैं रोना ख़्वाहिश का
वो मज़ा ले रहे हैं बारिश का

सब मुक़द्दर से मिल रहा है यहाँ
ज़ोर चलता रहेगा कोशिश का

वर्ना दुनिया में हम नहीं आते
खेल सारा है आज़माइश का

सब परस्तार उस के हो जाओ
ढंग आ जाएगा परस्तिश का

तुझ को पा कर ज़मीन रक़्स में है
खुल गया राज़ सारा गर्दिश का

दिल में रखते हैं यार की तस्वीर
शौक़ हम को नहीं नुमाइश का

उस की गर्दन में वो हरारत है
लुत्फ़ मिलता है क़ुर्ब-ए-आतिश का

रेल-गाड़ी के इंतिज़ार में हूँ
मिल चुका है पता रिहाइश का

मुझ को उर्दू पसंद है कह कर
दिल दुखाया है उस ने इंग्लिश का