उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo jald-baz aise achanak juda hua

वो जल्द-बाज़ ऐसे अचानक जुदा हुआ

وہ جلدباز ایسے اچانک جدا ہوا

शायर: Qamar Abbas Qamar7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो जल्द-बाज़ ऐसे अचानक जुदा हुआ
मैं सोच भी न पाया मिरे साथ क्या हुआ

मुझ से बहुत ही दूर कोई जा चुका है और
दिल है कि फिर उमीद कोई बाँधता हुआ

मेरी चटान ज़ब्त से टूटेगी देखना
मुझ में है उस की याद का दरिया रुका हुआ

रोना न देख मेरा तसल्ली न दे मुझे
ये पूछ मुझ से कितना बड़ा हादिसा हुआ

सब आ चुके हैं जानने वाले सब आ चुके
मरते हुए से झूट कोई बोलता हुआ

इक आइने की गर्द मिरे मुँह पे आ पड़ी
मुद्दत के बा'द मुझ से मिरा राब्ता हुआ

मौज-ए-ग़ुबार आई उड़ा ले गई उसे
जाता भी कितनी दूर मुसाफ़िर थका हुआ