उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wade jhuTe qasmen jhuTi

वा'दे झूटे क़स्में झूटी

وعدے جھوٹے قسمیں جھوٹی

शायर: Baqa Baluch8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वा'दे झूटे क़स्में झूटी
दुनिया की सब बातें झूटी

खींची हैं जो सच्चे दिल से
वो बे-नाम लकीरें झूटी

उस की आँखें बोल रही हैं
सब ख़ुश-रंग शबीहें झूटी

अम्न के सारे सपने झूटे
सपनों की ताबीरें झूटी

हम ने जिन को सच्चा जाना
निकलीं वो सब बातें झूटी

आज हमें मा'लूम हुआ है
गुज़रे कल की यादें झूटी

देखो कान न धरना उन पर
दिल की सब आवाज़ें झूटी

बस इक प्यार का बंधन सच्चा
और 'बक़ा' सब रस्में झूटी