उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kya puchhte ho main kaisa hun

क्या पूछते हो मैं कैसा हूँ

کیا پوچھتے ہو میں کیسا ہوں

शायर: Baqa Baluch5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्या पूछते हो मैं कैसा हूँ
इक सर्द हवा का झोंका हूँ

है मेरी रूह में बेचैनी
मैं अपने आप में उलझा हूँ

है मिरा साया और कोई
मैं और किसी का साया हूँ

तू ख़ुश है अपनी दुनिया में
मैं तिरी याद में जलता हूँ

अब लौट के आ और देख 'बक़ा'
इक 'उम्र से तन्हा तन्हा हूँ