उर्दू शायरी · ग़ज़ल

use kaise karen swikar mohan

उसे कैसे करें स्वीकार मोहन

اسے کیسے کریں سویکار موہن

शायर: Vikas Sahaj5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उसे कैसे करें स्वीकार मोहन
हमारी हो गई है हार मोहन

समर्पित ज़िंदगी कर दी तुम्हें अब
तुम्हीं इस का करो उद्धार मोहन

निरंतर लड़ रहे हैं हम सभी से
हमें भी तो सिखाओ प्यार मोहन

हमारी राधिका हम को पुकारे
कभी ये स्वप्न हो साकार मोहन

खड़ी है देह की जब तक 'इमारत
बने रहना सदा आधार मोहन