उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jo sach nahin hai wahi dikhana taras na khana

जो सच नहीं है वही दिखाना तरस न खाना

جو سچ نہیں ہے وہی دکھانا ترس نہ کھانا

शायर: Vikas Sahaj4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जो सच नहीं है वही दिखाना तरस न खाना
सदा हमें बेवफ़ा बताना तरस न खाना

कभी जो तुम से कहीं मिलें हम तो याद रखना
हमारी हालत पे मुस्कुराना तरस न खाना

तुम्हीं को दुनिया बना लिया है सो तुम को हक़ है
हमारी दुनिया उजाड़ जाना तरस न खाना

दग़ा किसी से किया नहीं है नहीं करेंगे
अगर तुम्हें भी हो आज़माना तरस न खाना