उर्दू शायरी · ग़ज़ल

udasiyon ko gale lagae udas laDke

उदासियों को गले लगाए उदास लड़के

اداسیوں کو گلے لگائے اداس لڑکے

शायर: Vikas Sahaj5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उदासियों को गले लगाए उदास लड़के
भटक रहे हैं फ़रेब खाए उदास लड़के

किसी किसी को नसीब हैं ये उदासियाँ भी
किसी को ये भी बता न पाए उदास लड़के

हज़ार दुख हैं दिलों में उन के जिन्हें छुपा कर
यहाँ सभी को हँसाने आए उदास लड़के

उदास रहना सही नहीं है ये जान कर भी
उदास रहना न छोड़ पाए उदास लड़के

किसी का कांधा नसीब होता तो ये भी सोते
तमाम रातें जगे जगाए उदास लड़के