उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHud se KHud ki an-ban hun main

ख़ुद से ख़ुद की अन-बन हूँ मैं

خود سے خود کی ان بن ہوں میں

शायर: Vikas Sahaj5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुद से ख़ुद की अन-बन हूँ मैं
इक सुलझी सी उलझन हूँ मैं

जिस ने देखा नज़रें फेरीं
जाने कितना रौशन हूँ मैं

मुझ को पाना क़िस्मत समझो
इक शबरी का जूठन हूँ मैं

वो पहने या फेंके मुझ को
शहज़ादी का कंगन हूँ मैं

नज़दीकी दुख-दाई होगी
क्रोधित शो का नर्तन हूँ मैं