उर्दू शायरी · ग़ज़ल

us se uske baghair baaten kin

उस से उस के बग़ैर बातें कीं

اس سے اس کے بغیر باتیں کیں

शायर: Fahmi Badayuni4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस से उस के बग़ैर बातें कीं
फिर भी बोले बग़ैर बातें कीं

हाथ मेरे इसी लिए तो कटे
हाथ जोड़े बग़ैर बातें कीं

आज तो उस ने भी हमारी तरह
सोचे-समझे बग़ैर बातें कीं

मैं ने नाराज़ कर दिया उस को
झूठ बोले बग़ैर बातें कीं