उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aaKHiri bar dekhna hai use

आख़िरी बार देखना है उसे

آخری بار دیکھنا ہے اسے

शायर: Fahmi Badayuni5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आख़िरी बार देखना है उसे
फिर लगातार देखना है उसे

कुछ न कुछ तो दवा बताएगा
हो के बीमार देखना है उसे

वज्ह-ए-दीदार देखना है मुझे
तर्ज़-ए-दीदार देखना है उसे

सैकड़ों शे'र उस पे कहने हैं
सैकड़ों बार देखना है उसे

वो मिरा हाल देख कर समझा
कितना दुश्वार देखना है उसे