उर्दू शायरी · ग़ज़ल

usne jab hans ke namaskar kiya

उस ने जब हँस के नमस्कार किया

اس نے جب ہنس کے نمسکار کیا

शायर: Habib Jalib5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस ने जब हँस के नमस्कार किया
मुझ को इंसान से अवतार किया

दश्त-ए-ग़ुर्बत में दिल-ए-वीराँ ने
याद जमुना को कई बार किया

प्यार की बात न पूछो यारो
हम ने किस किस से नहीं प्यार किया

कितनी ख़्वाबीदा तमन्नाओं को
उस की आवाज़ ने बेदार किया

हम पुजारी हैं बुतों के 'जालिब'
हम ने का'बे में भी इक़रार किया