उर्दू शायरी · ग़ज़ल

uske honTon pe ba-andaz-e

उस के होंटों पे ब-अंदाज़-ए

اس کے ہونٹوں پہ بہ انداز غزل جاؤں گا

शायर: Qamar Abbas Qamar7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस के होंटों पे ब-अंदाज़-ए-ग़ज़ल जाऊँगा
लफ़्ज़ हूँ इस लिए आवाज़ में ढल जाऊँगा

क्या ग़ज़ब आग दहकती है तिरे सीने में
तुझ से मैं बात भी कर लूँगा तो जल जाऊँगा

जिस तरह दौड़ रहा हूँ मुझे अब लगता है
अपनी मंज़िल से बहुत दूर निकल जाऊँगा

इसी बिखराओ में मैं हूँ मुझे तरतीब न दे
इस तरह बाँध के रखने से बदल जाऊँगा

अब के सावन में तिरी याद बरसती है यहाँ
इस क़दर तेज़ बरसती है कि गल जाऊँगा

आज भी सोचते रहने में गुज़ारा मैं ने
कल भी मैं सोचता रह जाउँगा कल जाऊँगा

जान कर ठोकरें खाता हूँ कि गिर जाऊँ मैं
ख़ाक से ख़ाक मिलेगी तो सँभल जाऊँगा