उर्दू शायरी · ग़ज़ल

us ka mizaj puchho jo har waqt pas hai

उस का मिज़ाज पूछो जो हर वक़्त पास है

اس کا مزاج پوچھو جو ہر وقت پاس ہے

शायर: Lala Madhav Ram Jauhar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस का मिज़ाज पूछो जो हर वक़्त पास है
उस की बला से दिल जो हमारा उदास है

पोशाक से बदन की तजल्ली है आश्कार
फ़ानूस-ए-शम-ए-तूर तुम्हारा लिबास है

दिल तोड़ कर वो नश्शे में कहते हैं नाज़ से
किस काम का रहा है ये टूटा गिलास है

फ़रमाइए मिज़ाज-ए-मुबारक है किस तरह
कुछ ख़ैर तो है किस लिए चेहरा उदास है

मुद्दत के बाद आज तो तन्हा मिले हुज़ूर
उस पर भी पूछते हैं कि क्या इल्तिमास है

तलवार की है क़द्र-शनासी के दम के साथ
'जौहर' को जानता है जो जौहर-शनास है