उर्दू शायरी · ग़ज़ल

us gali tak saDak rahi hogi

उस गली तक सड़क रही होगी

اس گلی تک سڑک رہی ہوگی

शायर: Vijay Sharma6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस गली तक सड़क रही होगी
राह अब भी वो तक रही होगी

रश्क बादल को भी हुआ होगा
धूप उस पर चमक रही होगी

मैं भी कब मैं हूँ ऐसे मौसम में
वो भी ख़ुद में बहक रही होगी

दश्त-ओ-सहरा की ओट में शायद
ये ज़मीं ज़ख़्म ढक रही होगी

वो बहुत अजनबी सा पेश आया
दिल में कोई कसक रही होगी

जो शजर सहन में लगा है 'अर्श'
उस पे चिड़िया चहक रही होगी