उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aadamiyyat ka din mere KHwab

आदमिय्यत का दीन मेरे ख़्वाब

آدمیت کا دین میرے خواب

शायर: Vijay Sharma6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आदमिय्यत का दीन मेरे ख़्वाब
मिस्ल-ए-आब-ओ-ज़मीन मेरे ख़्वाब

हो गए हर नज़र से वाबस्ता
छीन पाए तो छीन मेरे ख़्वाब

इक मोहब्बत भरे सिनेमा में
मेरे मरने का सीन मेरे ख़्वाब

मेरी मौजूदगी है कोई गुमाँ
जिस गुमाँ का यक़ीन मेरे ख़्वाब

मौत जितनी हसीन है यारो
उस से बढ़ कर हसीन मेरे ख़्वाब

अपने ख़्वाबों में रक़्स करता हूँ
आफ़रीन आफ़रीन मेरे ख़्वाब