उर्दू शायरी · ग़ज़ल

un se kahta hun yaad kar mujhko

उन से कहता हूँ याद कर मुझ को

ان سے کہتا ہوں یاد کر مجھ کو

शायर: Vikas Naseeb5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उन से कहता हूँ याद कर मुझ को
याद करते नहीं मगर मुझ को

आशियाने पे आ गिरेगी बर्क़
यूँही रहने दे दर-ब-दर मुझ को

मैं गया जो तिरे बिना वापस
काट खाएगा मेरा घर मुझ को

सो के उठते ही मैं ने जाम पिया
शाम लगती है अब सहर मुझ को

हाल ऐसा हुआ है ग़म में तिरे
मर जा कहता है चारागर मुझ को