उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil se nikli hai gar dua meri

दिल से निकली है गर दु'आ मेरी

دل سے نکلی ہے گر دعا میری

शायर: Vikas Naseeb6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल से निकली है गर दु'आ मेरी
रंग लाएगी हर दु'आ मेरी

एक दिन उन को और कोई नहीं
लाएगी मेरे घर दु'आ मेरी

देखना ख़ुद-बख़ुद ही दे देगी
उन को मेरी ख़बर दु'आ मेरी

उन को हर ग़म से दूर रक्खेगी
देखना 'उम्र भर दु'आ मेरी

चारागर रहने दे दवा अपनी
ज़ख़्म को देगी भर दु'आ मेरी

उन के दिल में मिरी जगह कर दे
कुछ तो कर कुछ तो कर दु'आ मेरी