उर्दू शायरी · ग़ज़ल

teri taswir mere pas nahin

तेरी तस्वीर मेरे पास नहीं

تیری تصویر میرے پاس نہیں

शायर: Vikas Naseeb5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेरी तस्वीर मेरे पास नहीं
और कभी होने की भी आस नहीं

तेरी महफ़िल में जा के जाम पियूँ
मेरी तक़दीर इतनी ख़ास नहीं

मेरे दिल के लहू को पीता है
कौन कहता है ख़त को प्यास नहीं

दाग़ को वो छुपाए कैसे भला
चाँद के जिस्म पर लिबास नहीं

दौड़ कर उस को मैं पकड़ लेता
मौत भी मेरे आस-पास नहीं