उर्दू शायरी · ग़ज़ल

un ke sine pe rakh ke sar humne

उन के सीने पे रख के सर हम ने

ان کے سینہ پہ رکھ کے سر ہم نے

शायर: Vikas Naseeb7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उन के सीने पे रख के सर हम ने
तय किया रात का सफ़र हम ने

उन के चेहरे को देख कर हम ने
चाँद देखा न 'उम्र भर हम ने

'उम्र हम ने बढ़ा ली है अपनी
डाल के उन पे इक नज़र हम ने

हो गई हम पे मेहरबाँ क़ुदरत
जा के जब चूमा उन का दर हम ने

उन की यादों को उन के ख़्वाबों को
चुन लिया अपना हम-सफ़र हम ने

'उम्र भर जो कभी न कम होगा
उन पे छोड़ा है वो असर हम ने

उन का बोसा लिया तसल्ली से
प्यार से थाम के कमर हम ने