उर्दू शायरी · ग़ज़ल

umr thoDi hai aur kaam bahut

उम्र थोड़ी है और काम बहुत

عمر تھوڑی ہے اور کام بہت

शायर: Qaisar Haideri Dehlvi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उम्र थोड़ी है और काम बहुत
ज़िंदगी भी है तेज़-गाम बहुत

आ तो पहुँचे हैं अपनी मंज़िल पर
हाँ मगर हो गई है शाम बहुत

ताइर-ए-दिल की सब नज़र में है
यूँ तो फैले हुए हैं दाम बहुत

उम्र भर कैफ़ कम नहीं होता
पीने वाले को एक जाम बहुत

पीने वालों का ज़र्फ़ है दरकार
शीशा साक़ी सुराही जाम बहुत

दौर-ए-जम्हूर में भी ऐ 'क़ैसर'
लोग करते हैं क्यों सलाम बहुत