उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ab is ka aur kya anjam hoga

अब इस का और क्या अंजाम होगा

اب اس کا اور کیا انجام ہوگا

शायर: Qaisar Haideri Dehlvi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अब इस का और क्या अंजाम होगा
मोहब्बत कर के जो बदनाम होगा

अभी इंसाँ है तिश्ना-काम-ए-उल्फ़त
अभी नाम-ए-वफ़ा बदनाम होगा

जो आग़ाज़-ए-सहर का है नज़ारा
वही मेरा चराग़-ए-शाम होगा

कली पर रात भर रोएगी शबनम
तबस्सुम मौत का पैग़ाम होगा