उर्दू शायरी · ग़ज़ल

fariyaad nahin ashk nahin aah nahin hai

फ़रियाद नहीं अश्क नहीं आह नहीं है

فریاد نہیں اشک نہیں آہ نہیں ہے

शायर: Qaisar Haideri Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फ़रियाद नहीं अश्क नहीं आह नहीं है
ऐ इश्क़ तिरा कोई हवा-ख़्वाह नहीं है

गो दर्द-ए-तमन्ना को बढ़ाता है तिरा ज़िक्र
दिल फिर भी तिरे नाम से आगाह नहीं है

ऐ हुस्न-ए-यक़ीं दैर-ओ-हरम की है फ़ज़ा तंग
इस दर से पलटने की कोई राह नहीं है

ये किस ने उड़ाई कि मुझे इश्क़ है तुम से
हाँ तुम को यक़ीं आए तो अफ़्वाह नहीं है

आसाइश-ए-तन रूह का आज़ार है 'क़ैसर'
दुनिया में ग़म-ए-इश्क़ से तनख़्वाह नहीं है