उर्दू शायरी · ग़ज़ल

udasiyon ko wo aise kamal deta hai

उदासियों को वो ऐसे कमाल देता है

اداسیوں کو وہ ایسے کمال دیتا ہے

शायर: Umair Samar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उदासियों को वो ऐसे कमाल देता है
ग़म-ए-हयात को ग़ज़लों में ढाल देता है

वो जब भी लिखता है सच्चाइयों के अफ़्साने
तो काग़ज़ों से भी ख़ुशबू निकाल देता है

बयान करता है जब मय-कदे के बारे में
कई शरीफ़ों की पगड़ी उछाल देता है

चराग़ ले के निकलता है जब वो हाथों पर
तो आफ़्ताब को मुश्किल में डाल देता है

'समर' कहीं जो वफ़ाओं की बात आ जाए
ज़माना अब भी हमारी मिसाल देता है