उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main tere nam zindagi karta

मैं तिरे नाम ज़िंदगी करता

میں ترے نام زندگی کرتا

शायर: Umair Samar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं तिरे नाम ज़िंदगी करता
इस तरह तुझ से 'आशिक़ी करता

तू ने हक़ ही नहीं दिया वर्ना
तेरी ज़ुल्फ़ों पे शा'इरी करता

तू पिलाता अगर निगाहों से
फिर कहाँ इतनी मय-कशी करता

कुछ त'अल्लुक़ तो फिर भी रह जाता
वो अगर मुझ से दुश्मनी करता

गर हक़ीक़त मैं जानता उन की
मैं न फूलों से दोस्ती करता

कौन सा जुर्म रह गया था 'समर'
इस ज़मीं पर जो आदमी करता