उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tu ne koshish to ki zamane par

तू ने कोशिश तो की ज़माने पर

تو نے کوشش تو کی زمانہ پر

शायर: Gayatri Mehta5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तू ने कोशिश तो की ज़माने पर
लौ बुझी ही नहीं बुझाने पर

मेरे हाथों का देखने जादू
घर पे आओ कभी तो खाने पर

लाश ख़्वाबों की दफ़्न कर आए
दर्द अब जा लगा ठिकाने पर

कोई सीखे नहीं सिखाने से
अक़्ल आती है चोट खाने पर

नाम उस के किए हैं दिन भी तो
क्यों तमाशा है शब बिताने पर