उर्दू शायरी · ग़ज़ल

faqat is baat pe dil ro gaya hai

फ़क़त इस बात पे दिल रो गया है

فقط اس بات پہ دل رو گیا ہے

शायर: Gayatri Mehta5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फ़क़त इस बात पे दिल रो गया है
जो मेरा था नहीं वो खो गया है

हुई हैरत मुझे इस बात की वो
मिरी बाँहों में कैसे सो गया है

मैं अब उस को जगाऊँ भी तो कैसे
जो मुझ से लड़-झगड़ के सो गया है

वो अपनी ज़िंदगी के पाप सारे
समझ के मुझ को गंगा धो गया है

अब इस में फल लगेंगे नफ़रतों के
वो मुझ में बीज ऐसा बो गया है