उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tu faqat kahani sun hichkiyon ko bhul ja

तू फ़क़त कहानी सुन हिचकियों को भूल जा

تو فقط کہانی سن ہچکیوں کو بھول جا

शायर: Danish Aziz9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तू फ़क़त कहानी सुन हिचकियों को भूल जा
अश्क-बार लोग गिन तालियों को भूल जा

मौसमों ने क्या किया ये कहानी छोड़ दे
बारिशों को भूल जा पानियों को भूल जा

अब ज़बाँ में आ गईं लुकनतें रुकावटें
मेरी गुफ़्तुगू की तू नरमियों को भूल जा

ज़िंदगी है मुख़्तसर हर 'इनाद छोड़ दे
ख़ूबियों को याद रख ख़ामियों को भूल जा

ये चमन तिरा चमन फूल तेरे फूल हैं
ख़ुद ही देख-भाल कर मालियों को भूल जा

भूल जा वो दिन की नींद रात का वो जागना
जुगनुओं को भूल जा तितलियों को भूल जा

वो हमारे बचपने की कहानी थी फ़क़त
शाह-ज़ादे भूल जा रानियों को भूल जा

जिस में जितना ज़र्फ़ था उस ने वो दिखा दिया
मेरी बात मान जा तल्ख़ियों को भूल जा

'दानिश'-ए-शिकस्ता-पा अब तो वाइ'ज़ों की सुन
महफ़िलों को भूल जा साक़ियों को भूल जा