उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumhein bhi meri yaad aati to hogi

तुम्हें भी मिरी याद आती तो होगी

تمہیں بھی مری یاد آتی تو ہوگی

शायर: Zaheen Shah Taji13 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम्हें भी मिरी याद आती तो होगी
मोहब्बत तुम्हें भी सताती तो होगी

मुझे ख़्वाब में तुम ने देखा तो होगा
तुम्हें भी कभी नींद आती तो होगी

जहाँ मुस्कुराते थे तुम चाँदनी में
वहाँ चाँदनी मुस्कुराती तो होगी

सितारों से नग़्मे बरसते तो होंगे
फ़ज़ा सोहनी अब भी गाती तो होगी

तबी'अत के तस्कीन के हर सबब से
तबी'अत भी तस्कीन पाती तो होगी

तुम्हारा भी क्या हाल मेरा सा होगा
मोहब्बत कहीं रास आती तो होगी

कभी दिल का चाहा भी होता तो होगा
कभी दिल की हसरत बर आती तो होगी

किसी चीज़ से दिल बहलता तो होगा
कोई शय तबी'अत को भाती तो होगी

वो दुनिया जो दुनिया ने देखी नहीं है
वो दुनिया मोहब्बत दिखाती तो होगी

कभी दिल का कहना भी होता तो होगा
मोहब्बत कभी फ़त्ह पाती तो होगी

ये दूरी के एहसास की सख़्त मंज़िल
तसव्वुर को आँखें दिखाती तो होगी

जुदाई के एहसास की ज़ुल्मतों में
कहीं शम' सी झिलमिलाती तो होगी

झपकती तो होंगी कभी दिल की आँखें
'ज़हीन' उन से बे-इल्तिफ़ाती तो होगी