उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumhein bas ye batana chahta hun

तुम्हें बस ये बताना चाहता हूँ

تمہیں بس یہ بتانا چاہتا ہوں

शायर: Fahmi Badayuni8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम्हें बस ये बताना चाहता हूँ
मैं तुम से क्या छुपाना चाहता हूँ

कभी मुझ से भी कोई झूठ बोलो
मैं हाँ में हाँ मिलाना चाहता हूँ

ये जो खिड़की है नक़्शे में तुम्हारे
यहाँ मैं दर बनाना चाहता हूँ

अदाकारी बहुत दुख दे रही है
मैं सच-मुच मुस्कुराना चाहता हूँ

परों में तीर है पंजों में तिनके
मैं ये चिड़िया उड़ाना चाहता हूँ

लिए बैठा हूँ घुंघरू फूल मोती
तिरा हँसना बनाना चाहता हूँ

अमीरी 'इश्क़ की तुम को मुबारक
मैं बस खाना-कमाना चाहता हूँ

मैं सारे शह्र की बैसाखियों को
तिरे दर पर नचाना चाहता हूँ