उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumhaare sath jo barta hua hai

तुम्हारे साथ जो बरता हुआ है

تمہارے ساتھ جو برتا ہوا ہے

शायर: Madan Mohan Danish3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम्हारे साथ जो बरता हुआ है
वो लम्हा जस का तस रक्खा हुआ है

अभी ये रंग जो पहना है तुम ने
यही मौसम ने भी पहना हुआ है

तुम्हारा नाम क्यों पूछेगा कोई
यहाँ हर फूल पे लिक्खा हुआ है