उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tum mere baad kuchh naya karna

तुम मिरे बाद कुछ नया करना

تم مرے بعد کچھ نیا کرنا

शायर: Osama Jamil5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम मिरे बाद कुछ नया करना
सोच का तर्जुमा किया करना

कोई सूरत नहीं बची तो फिर
तेरा मिलना मिरी दवा करना

मुझ को ये तज्रबा हुआ तुम से
क़िस्मतों का लिखा हुआ करना

चीख़ना जाहिलों का मुझ पर और
सब्र करना मिरा हँसा करना

सब दलाइल दुरुस्त थे लेकिन
झूट पर उस का इक्तिफ़ा करना