उर्दू शायरी · ग़ज़ल

apni had se guzar nahin sakte

अपनी हद से गुज़र नहीं सकते

اپنی حد سے گزر نہیں سکتے

शायर: Osama Jamil7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अपनी हद से गुज़र नहीं सकते
बद-तमीज़ी तो कर नहीं सकते

मुझ पे तोहमत लगाने वाले सुन
तेरे जैसे सुधर नहीं सकते

बोझ लगते हैं मेरे काँधों पर
क्या फ़रिश्ते उतर नहीं सकते

आप जैसों पे रहम आता है
आप जैसों से डर नहीं सकते

अपनी ज़िद में अना भी लाज़िम है
टूट जाएँ बिखर नहीं सकते

कुछ हया भी लगाइए मुँह पर
इस तरह तो सँवर नहीं सकते

तुम मिरी शायरी में ज़िंदा हो
मर भी जाओ तो मर नहीं सकते