उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tum hamare na hum tumhaare hue

तुम हमारे न हम तुम्हारे हुए

تم ہمارے نہ ہم تمہارے ہوئے

शायर: Usama Asar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम हमारे न हम तुम्हारे हुए
ज़िंदगी से हैं दोनों हारे हुए

आसमानों में ढूँढता हूँ मैं
अपने वो लोग जो सितारे हुए

तेरे जाने से इब्तिदा हुई थी
और फिर मुस्तक़िल ख़सारे हुए

हादिसा एक दम नहीं हुआ था
पहले इक 'उम्र तक इशारे हुए

हम को दुनिया का तज्रबा है 'असर'
हम इसी रोग के हैं मारे हुए