उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tujhse ho pae agar surat-e-ijad mein la

तुझ से हो पाए अगर सूरत-ईजाद में ला

تجھ سے ہو پائے اگر صورت ایجاد میں لا

शायर: Ozair Yusuf5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुझ से हो पाए अगर सूरत-ईजाद में ला
अपनी वहशत को कभी ख़ाना-ए-आबाद में ला

रेत की तरह सितारे नज़र आएँगे तुझे
तोड़ कर इन को फ़लक से दिल-ए-बर्बाद में ला

तू अगर चाहे बदन मेरा ज़मीं-बोस न हो
आख़िरी ईंट उठा कर मिरी बुनियाद में ला

नक़्श अपना तिरे चेहरे पे मैं छोड़ आया हूँ
आइना देख मिरी जान मुझे याद में ला

तुझ को आना तो बहर-तौर है मेरी जानिब
अपने आने को मिरी 'उम्र की मीआ'द में ला