उर्दू शायरी · ग़ज़ल

teri duniya mein ye kya ho raha hai

तिरी दुनिया में ये क्या हो रहा है

تری دنیا میں یہ کیا ہو رہا ہے

शायर: Qadir Siddiqi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तिरी दुनिया में ये क्या हो रहा है
हँसी होंटों पे है दिल रो रहा है

हवा बद-कारियों की चल रही है
ज़मीर इंसानियत का सो रहा है

पड़ी हैं ख़ून की छींटें सभी पर
जिसे देखो वो दामन धो रहा है

बशर का ख़ून है पानी से सस्ता
तमाशा इक मुसलसल हो रहा है

उसी के मुन्हरिफ़ हम भी हैं 'क़ादिर'
जो दावा आज तक हम को रहा है