उर्दू शायरी · ग़ज़ल

teri taswir ka jab dam lagaya jae

तेरी तस्वीर का जब दाम लगाया जाए

تیری تصویر کا جب دام لگایا جائے

शायर: Chandra Shekhar Varma6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेरी तस्वीर का जब दाम लगाया जाए
नाम उस पर से मुसव्विर का हटाया जाए

ऐ ख़ुदा ठीक बनी है तिरी दुनिया फिर भी
मर्तबा इस में मोहब्बत का बढ़ाया जाए

ऐ घड़ी-साज़ लगा दे तू घड़ी में गुल्लक
जिस में ख़ुद के लिए कुछ वक़्त बचाया जाए

आप बे-शक नए सिक्कों को चलाएँ लेकिन
क्या ज़रूरी है पुरानों को गलाया जाए

रास्ता काट गई है मिरा काली बिल्ली
इस बहाने चलो घर लौट के आया जाए

बे-क़रारी किसी की बढ़ चुकी होगी अब तक
सातवीं घंटी है अब फ़ोन उठाया जाए