उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tawil rasta hai hath tham lijiye

तवील रास्ता है हाथ थाम लीजिए

طویل راستہ ہے ہاتھ تھام لیجئے

शायर: Zaan Farzaan8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तवील रास्ता है हाथ थाम लीजिए
कि दिल के साथ 'अक़्ल से भी काम लीजिए

बहार में ख़ुदा को याद कीजिए भी क्यों
ख़िज़ाँ में पर उसी का ख़ूब नाम लीजिए

अगर दवा-ए-दर्द-ए-दिल है मुझ से गुफ़्तुगू
तो आप इस दवा को सुब्ह-ओ-शाम लीजिए

सनम से चाह मेरी कुछ न थी ब-जुज़ वफ़ा
शबाब पर कहे कि लुत्फ़-ए-'आम लीजिए

मुनाफ़िक़ों का फ़ैसला ख़ुदा पे छोड़िए
मु'आफ़ कीजिए न इंतिक़ाम लीजिए

त'आम भी हिदायतों का फिर न हो नसीब
न इस क़दर भी लज़्ज़त-ए-हराम लीजिए

है जुम्बिश-ए-ज़बान का ये ज़ब्त जब तलक
कि तब तलक तो नैन का पयाम लीजिए

भले मुहिब हो लाख पर उसूल ये है 'ज़ान'
किसी का अपने सर न इत्तिहाम लीजिए