उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ai dariya tu shamil kar le apne logon mein

ऐ दरिया तू शामिल कर ले अपने लोगों में

اے دریا تو شامل کر لے اپنے لوگوں میں

शायर: Zaan Farzaan8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऐ दरिया तू शामिल कर ले अपने लोगों में
वर्ना मैं भी रह जाऊँगा प्यासे लोगों में

दिल की 'ऐनक से ये देखें सारी दुनिया को
शायद ये ख़ामी होती है अच्छे लोगों में

फट से अच्छे बनते हैं ये मतलब की ख़ातिर
शायद ये ख़ूबी होती है गंदे लोगों में

काम आओ मत इन के फिर देखो क्या होता है
कड़वा-पन घुल जाएगा इन मीठे लोगों में

उन के लहजे से लगती हैं बातें सच उन की
ये फ़ितरत होती है अक्सर झूटे लोगों में

हर मज़हब के त्योहारों में घुल-मिल जाते थे
कितनी अच्छी 'आदत थी ये तब के लोगों में

यूँ तो इस दुनिया में होंगे लोग अरबों खरबों
पर देखो ना तुम भाए हो इतने लोगों में

मेरी ग़ीबत कर के चाहें मुझ से ही शफ़क़त
कैसे आए इतनी हिम्मत ऐसे लोगों में