उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tamanna hai tamanna mein teri ji se guzar jaen

तमन्ना है तमन्ना में तिरी जी से गुज़र जाएँ

تمنا ہے تمنا میں تری جی سے گزر جائیں

शायर: Baldev singh Hamdam6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तमन्ना है तमन्ना में तिरी जी से गुज़र जाएँ
यही है आरज़ू अपनी इसी ख़्वाहिश में मर जाएँ

गुनाहों में समा जाएँ कलेजे में उतर जाएँ
मिरी दुनिया-ए-हस्ती में तिरे जल्वे बिखर जाएँ

न दुनिया में ठिकाना है न उक़्बा में ठिकाना है
तिरे बंदे अगर जाना भी चाहें तो किधर जाएँ

तिरे रिंदों में ऐ साक़ी भला इतनी कहाँ ताक़त
बचा कर अपना दामन मय-कदे से वो गुज़र जाएँ

लुटा कर दीन-ओ-दुनिया अंजुमन में तेरी आए थे
यहाँ से उठ कर अब हम ठोकरें खाने कहाँ जाएँ

हमारे दौर-ए-माज़ी की न हम से पूछ ऐ 'हमदम'
वही अच्छे हैं लम्हे ज़िंदगी के जो गुज़र जाएँ