उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sitara-war jale phir bujha diye gae hum

सितारा-वार जले फिर बुझा दिए गए हम

ستارہ وار جلے پھر بجھا دئے گئے ہم

शायर: Iftikhar Arif5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सितारा-वार जले फिर बुझा दिए गए हम
फिर इस के बा'द नज़र से गिरा दिए गए हम

अज़ीज़ थे हमीं नौ-वारिदान-ए-कूचा-ए-इश्क़
सो पीछे हटते गए रास्ता दिए गए हम

शिकस्त ओ फ़त्ह के सब फ़ैसले हुए कहीं और
मिसाल-ए-माल-ए-ग़नीमत लुटा दिए गए हम

ज़मीन फ़र्श-ए-गुल-ओ-लाला से सजाई गई
फिर इस ज़मीं की अमानत बना दिए गए हम

दुआएँ याद करा दी गई थीं बचपन में
सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम