उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sahraon ne manga pani

सहराओं ने माँगा पानी

صحراؤں نے مانگا پانی

शायर: Fahmi Badayuni6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सहराओं ने माँगा पानी
दरियाओं पर बरसा पानी

बुनियादें कमज़ोर नहीं थीं
दीवारों से आया पानी

आख़िर किस किस नीम की जड़ में
कब तक डालें मीठा पानी

छत का हाल बता देता है
परनाले से गिरता पानी

फ़िक्र-ओ-मसाइल याद-ए-जानाँ
गर्म हवाएँ ठंडा पानी

प्यासे बच्चे खेल रहे हैं
मछली मछली कितना पानी