उर्दू शायरी · ग़ज़ल

saqi-e-baada-e-irfan tum ho

साक़ी-ए-बादा-ए-इ'रफ़ाँ तुम हो

ساقی بادہ عرفاں تم ہو

शायर: Zaheen Shah Taji6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

साक़ी-ए-बादा-ए-इ'रफ़ाँ तुम हो
शह-ए-संजर शह-ए-जीलाँ तुम हो

यमनी 'इश्वा ओ क़र्नी ग़म्ज़ा
मदनी जल्वा-ब-दामाँ तुम हो

सूरत-ए-हक़ है नुमायाँ तुम से
सूरत-ए-हक़ में नुमायाँ तुम हो

फ़क़्र को फ़ख़्र बनाया तुम ने
फ़क़्र में बू-ज़र-ओ-सलमाँ तुम हो

रूमी-ओ-शिब्ली-ओ-‘अत्तार-ओ-जुनैद
ब-ख़ुदा ‘ईसा-ए-दौराँ तुम हो

देख कर तुम को किसे देखे 'ज़हीन'
इन निगाहों के निगहबाँ तुम हो