उर्दू शायरी · ग़ज़ल

rahegi yaad ye fasl-e-bahaar ham-nafaso

रहेगी याद ये फ़स्ल-ए-बहार हम-नफ़सो

رہے گی یاد یہ فصل بہار ہم نفسو

शायर: Raaz Muradabadi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

रहेगी याद ये फ़स्ल-ए-बहार हम-नफ़सो
किया है रक़्स सर-ए-नोक-ए-ख़ार हम-नफ़सो

ये मस्लहत का तक़ाज़ा कि सर झुका के चलें
पुकारता है जुनूँ सू-ए-दार हम-नफ़सो

बढ़े चलो कि अभी दूर है मक़ाम-ए-जुनूँ
कहाँ रुके हो सर-ए-रहगुज़ार हम-नफ़सो

ये किस ने आग लगाई है आज पानी में
क़बा-ए-ज़ोहद भी है तार तार हम-नफ़सो