उर्दू शायरी · ग़ज़ल

phul zaKHmon ke chun raha hun main

फूल ज़ख़्मों के चुन रहा हूँ मैं

پھول زخموں کے چن رہا ہوں میں

शायर: Naeem Najmi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फूल ज़ख़्मों के चुन रहा हूँ मैं
दास्ताँ ग़म की सुन रहा हूँ मैं

ख़ामोशी की उदास राहों में
तेरी आवाज़ सुन रहा हूँ मैं

'इश्क़ दीमक-ज़दा हुआ जब से
एक इक लम्हा घुन रहा हूँ मैं

बे-वफ़ाओं से 'इश्क़ कर कर के
अपने ही सर को धुन रहा हूँ मैं

अभी आँखों में नींद है 'नजमी'
अभी कुछ ख़्वाब बुन रहा हूँ मैं